एक निरीह रात - A Painting

एक निरीह रात .. कुछ बात ..

आसमाँ में देखो चाँद की बेरुखी !

ये डर ..भय .. रात का सन्नाटा !

ये पुराने पहाड़ों में दफ्न राज आहिस्ता !

ये जिंदगी भी कुछ पहेली से कम नही !


Painting By : Sujit

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