
हजारे हजार अब जलने दो,
साख को मशालो में भरने दो,
अब लड़ना है दुह: शासन से,
मद में सत्ता ने पी मदिरा,
देश चलाने का बस है झगड़ा !
हमे मिली विकास दर बढते हुए,
और पेट से पेट आँखे भी धँसते हुए!
BPL दिखे फँसते हुए, IPL दिखा हँसते हुए,
जो खेल पसीनो को मिली पैसों की भूल,
आज उसने ही चटा दी रन की हमे धुल !
अभी 64 कदम ही चली जवानी,
और भूल गए अपनी ही कहानी,
क्या कहती अपनी बड़ी उपलब्धि,
नियम ताक बैठे हम पर ही हँसती !
युवाओं से ...
अब तुमसे आयी है आस बड़ी,
मत शाम को ना रात बनाओ तुम,
अपने खून में जहर ना मिलाओ तुम,
देखो वो महाभारत की फ़ौज खरी,
असमंजस में तुम हो, जब अपनों से आन भिरी,
बस देखो ढूंडो यही कहीं होगी गांडीव परी...
शत शत नमन मातृभूमि को ! !
Happy Independence Day :: - SUJIT
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