होली - इन आँखों में जो रंग है - My Holi 2010


होली रंगों के त्यौहार पर -
अपने घर से दूर मेरे मन ने रंगा दिया कई रंगों में ..

हम रंगों से दूर उमंगो से दूर ! !
वो क्या था होली का सुरूर ! !

थी ध्माचौकरी घट घट पर ,
थे सने रंग गुलाल हर अम्बर पर ! !

नाच उठे बच्चे, बूढ़े और जवान ,
जो गी रा सा रा ने जब छेरा गान ! !

इस होली पर उस होली की ,
यादें जो मेरी रंगी रहीं ! !

इन आँखों में जो रंग है ,
चलो वो होली का ही सही ! !

रचना : सुजीत कुमार लक्की

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